
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन अब सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि इंटरनेशनल पावर गेम का हिस्सा बन चुके हैं। सत्ता विरोधी आंदोलनों पर कार्रवाई को लेकर अमेरिका लगातार ईरान को चेतावनी दे रहा था कि अगर अत्याचार नहीं रुका, तो अंजाम गंभीर होगा।
White House का बड़ा दावा: 800 फांसी रद्द
इसी बीच गुरुवार को व्हाइट हाउस ने एक चौंकाने वाला दावा किया। प्रेस सेक्रेटरी Caroline Leavitt ने कहा कि राष्ट्रपति Donald Trump के दबाव के बाद ईरान ने करीब 800 लोगों की फांसी रद्द कर दी है।
मतलब साफ है—दबाव काम कर गया… कम से कम फिलहाल।
US बोले: अभी हमला नहीं, लेकिन तलवार म्यान में नहीं
व्हाइट हाउस ने यह भी साफ किया कि अमेरिका इस समय ईरान पर कोई सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। लेकिन साथ ही ये भी जोड़ दिया गया कि “All options remain on the table.” यानि शांति का हाथ बढ़ा है, पर मुट्ठी अब भी बंद है।
‘Future में हुआ तो अंजाम भुगतने होंगे’ – Khamenei को चेतावनी
Leavitt के मुताबिक, ईरान में सत्ता विरोधियों की हत्या फिलहाल रुकी है। लेकिन अगर भविष्य में फिर से ऐसा हुआ, तो Supreme Leader Ayatollah Khamenei और उनकी सत्ता को serious consequences झेलने होंगे।
यह बयान कूटनीति कम और अल्टीमेटम ज़्यादा लगता है।

US के पीछे हटने में Middle East दोस्तों की भूमिका
अमेरिका के इस कदम के पीछे उसके सहयोगी देशों—Qatar, Saudi Arabia और Oman—की अहम भूमिका मानी जा रही है। इन देशों ने अमेरिका को समझाया कि फिलहाल हमला हालात को और बिगाड़ सकता है। यानी पर्दे के पीछे डिप्लोमेसी, आगे शांति का दिखावा।
ईरान में हालात अब कैसे? सवाल बाकी हैं
गिरफ्तारियों, खासतौर पर Saedinia जैसे नामों के बाद विरोध प्रदर्शन थमते जरूर दिख रहे हैं, लेकिन सवाल अब भी कायम है— क्या ये शांति स्थायी है या सिर्फ तूफान से पहले की खामोशी?
ईरान कह रहा है—“सब कंट्रोल में है”, अमेरिका कह रहा है—“अभी छोड़ रहे हैं”, और दुनिया समझ रही है—ये ‘अभी’ सबसे खतरनाक शब्द है।
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